कांग्रेस ने किया साफ, चीनी राजदूत लू झाओहुई से मिले थे राहुल गांधी
भारत में चीन के राजदूत से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मिलने की खबरों से इनकार करने वाली कांग्रेस ने अब पलटी मार ली है और इसे एक शिष्टाचार मुलाकात बताया है। बता दें कि भारत में चीन के दूतावास की ओर से सोमवार को दावा किया गया था कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने 8 जुलाई (शनिवार) को चीनी राजदूत लू झाओहुई से मुलाकात की थी। हालांकि बाद में चीनी दूतावास ने इस कथित मुलाकात से सबंधित जानकारी को अपनी वेबसाइट से हटा दिया था। कांग्रेस की ओर से भी इस बात का खंडन किया गया था कि राहुल ने ऐसी कोई मुलाकात की है।
शुरू में तो कांग्रेस पार्टी ने ऐसी किसी मुलाकात की खबरों से मुकर गई थी, लेकिन अब पार्टी के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने इसे एक शिष्टाचार भेट बताया है। कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'कई राजदूत कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से समय-समय पर शिष्टाचार भेंट करते रहते हैं। किसी को इस भेंट को लेकर सनसनी फैलाने की जरूरत नहीं है।'

सुरजेवाला ने कहा, 'चाहे वह चीनी राजदूत हों या फिर भूटानी राजदूत राहुल गांधी समय-समय पर इनलोगों से मिलते रहते हैं। राहुल गांधी और विपक्ष के नेता सिक्किम में भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी से वाकिफ हैं और उन्हें राष्ट्रीय हित के बारे में जानकारी है।'
गौरतलब है कि चीनी दूतावास की वेबसाइट पर बाकायदा जानकारी दी गई थी कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी चीनी राजदूत लू झाओहुई से मिले और मौजूदा द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बात की। इस जानकारी का स्क्रीनशॉट भी मौजूद है। हालांकि चीनी दूतावास की ओर से सिर्फ जानकारी हटाई गई है, सफाई में कुछ नहीं कहा गया है। अब कांग्रेस के इस बयान के बाद स्थिति साफ हो गई है।
बता दें कि कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पीएम नरेंद्र मोदी की G20 सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात पर सवाल खड़े किए थे। साथ ही राहुल गांधी ने भी हाल ही में ट्वीट पर कहा था कि पीएम मोदी चीन के मसले पर खामोश क्यों हैं।
क्या कांग्रेस चीन और पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत में किसी बड़ी साजिश रचने की फ़िराक़ में है?
कल चीनी थिंक टैंक का कश्मीर पर दिया बयान इस बात की पुष्टि करता है।
आखिर कांग्रेस नेताओं का डेलिगेशन किस हैसियत से दुश्मन देशों के राजदूतों और नेताओं से मिलने जाते हैं!
वर्तमान सरकार ने सिक्किम में चीन को कड़ी टक्कर दी है जिससे चीन बुरी तरह बौखलाया हुआ है, थिंक टैंक के अनुसार चीन पाकिस्तान की req पर कश्मीर में सैन्य दख़ल दे सकता है। इस वंक्तव्य से एक बात साफ हो जाती है कि कांग्रेस पार्टी और वामपंथी दलों का चीन-पाकिस्तान का खुला समर्थन जारी है।