अपने आप को एशिया का दादा समझने और लगाने वाले चीन की सारी दादागीरी निकाल देने पर आमादा है भारत सरकार . भारत ने चीन को साफ़ तौर पर शांति और क्रान्ति दोनों हालातों में जवाब देने की तैयारी कर ली है .
चीन जिस स्थान पर विवाद फैलाने की तैयारी कर के भारत को उकसा रहा है वहां भारत ने अपने 3 हजार जवान तैनात कर दिए हैं और किसी भी हालत में चीन को अपनी सीमा और अपनी हद में रहने की हिदायत दे दी है ….
सैनिको की यह तैनाती सिक्किम-भुटान-तिब्बत ट्राई पर है जहाँ लगभग वर्तमान में 3000 जवान तैनात हैं . हालत ये है की थलसेनाध्यक्ष श्री विपिन रावत जी ने खुद इलाके का दौरा किया और जवानो को किसी भी हालात के लिए तैयार रहने का आदेश दिया .
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेनाध्यक्ष ने स्वयं गंगटोक स्थित 17 माउंटेन डिविजन और कलीमपोंग स्थित 27 माउंटेन डिविजन के मुख्यालय पहुंच कर वहां का दौरा किया और आवश्यक दिशानिर्देश दिए ..
इस बीच भूटान ने भी चीन को अपनी सीमा में रहने की हिदायत देते हुए अपनी रॉयल आर्मी को आपात हालत के लिए तैयार रहने को कहा है और साफ़ बता दिया है की उसकी सम्प्रभुता को किसी भी हाल में चुनौती देने वालो को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा .
चीन से अपने इलाके में बेवजह तनाव फैलाने से बाज आने की बात करते हुए भूटान ने आधिकारिक रूप से कहा है की चीन हर वो कार्य करने पर आमादा दिख रहा है जिसको विश्वासघात कहा जाता है .
वैसे हमारे देश के जवान तो जान हथेली पर रखकर चीनी सीमा पर तैनात है, पर हमारे देश की जनता आज भी धड़ल्ले से चीनी उत्पाद खरीदने में लगी है , चीनियों की गोलियों का काफी मोटा पैसा हमारे देश की ही जनता चीन को दे रही है l

भारत से चीन का एकतरफा व्यापार 388000 करोड़ है , संख्या दुबारा पढ़ लो -तीन लाख अट्ठासी हजार करोड़ ।
अंतराष्ट्रीय भाषा मे 59.8 अरब डॉलर ये एक साल का आंकड़ा है । इसका अगर 15% भी प्रॉफिट मार्जिन निकाला जाए
तो हर साल 57000 करोड़ का फायदा चीन को होता है । एक ब्रह्मोस जैसी विनाशकारी आधुनिक क्रूज मिसाइल बनाने में
27 करोड़ का खर्च आता है ।57000 करोड़ में ऐसी 2110 मिसाइलों का निर्माण आराम से किया जा सकता है । हर साल 2110 ब्रह्मोस जैसी मिसाइल l
.
अब आपको तय करना है कि आप देश के साथ है या दुश्मन के साथ ।कुछ लोग सरकार से चीनी समान पर प्रतिबंध की मांग करते है उनको बता दूं कि WTO की व्यापार नीति के अंतर्गत कोई भी देश जिसने wto पर हस्ताक्षर किए है किसी भी देश से व्यापार पर प्रतिबंध नही लगा सकता ।एकमात्र रास्ता बहिस्कार ही है जो हमारे पास है ,इसके अलावा कोई भी रास्ता नही है ।.......Bhupendra Surana