राहुल गांधी शनिवार को चीनी राजदूत से मिलते हैं, और आज चीन कश्मीर में घुसने की धमकी देता है !




पाकिस्तान की ओर से 'तीसरे देश ' की सेना कश्मीर में घुस सकती है: चीनी मीडिया

चीनी थिंक टैंक के एक विश्लेषक ने रविवार को कहा कि जिस तरह भूटान की ओर से सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में सड़क निर्माण से चीनी सेना को भारतीय सेना ने रोका, उसी तर्क का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के आग्रह पर कश्मीर में 'तीसरे देश' की सेना घुस सकती है। चाइना वेस्ट नॉर्मल यूनिवर्सिटी में भारतीय अध्ययन केंद्र के निदेशक लांग जिंगचुन ने 'ग्लोबल टाइम्स ' में लिखे अपने आलेख में कहा है, 'अगर भारत से भूटान के क्षेत्र को बचाने का आग्रह किया भी जाता है तो यह उसके स्थापित क्षेत्र तक हो सकता है, विवादित क्षेत्र के लिए नहीं।'




आलेख में कहा गया है, 'वरना, भारत के तर्क के हिसाब से अगर पाकिस्तान सरकार अनुरोध करे तो तीसरे देश की सेना भारत नियंत्रित कश्मीर सहित भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित क्षेत्र में घुस सकती है।' चीन के सरकारी मीडिया ने डोकलाम तकरार पर भारत की आलोचना करते हुए कई आलेख प्रकाशित किए हैं, लेकिन पहली बार संदर्भ में पाकिस्तान और कश्मीर को लाया गया है।

भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से 30 जून को जारी बयान का जिक्र करते हुए इसमें कहा गया है , 'भारतीय सैनिकों ने भूटान की मदद के नाम पर चीन के डोकलाम इलाके में प्रवेश किया, लेकिन घुसपैठ का मकसद भूटान का इस्तेमाल करते हुए भारत की मदद करना है।' गौरतलब है कि सिक्किम सीमा पर भारतीय सेना और चीनी सेना में तनातनी के बाद दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ गई है।

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राहुल गांधी शनिवार को चीनी राजदूत से मिलते हैं, जिसे चीन स्वीकार करता है और वेबसाइट पे उल्लेख भी करता है, फिर कांग्रेस और राहुल गांधी इस खबर को नकार देते हैं, और रहस्यमय रूप से चीन अपने दूतावास की वेबसाइट से वो खबर हटा लेता है।

यहां ध्यान देने योग्य बात ये है की राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से भारी भरकम चंदा मिलता रहा है। 

और कांग्रेस के ही राज में चीन ने तिब्बत पर कब्जा किया था, 1962 में भारत के एक बड़े भू भाग पर चीन ने कांग्रेस के शासन में ही कब्जा किया था, इस युद्ध में भारत की कांग्रेस सरकार ने न तो सेना को हथियार व् रसद उपलब्ध करवाई न ही वायुसेना का इस्तेमाल किया गया व् ऐसे कई अन्य निर्णय लिए गये जो सरकार के इरादों पर संशय उतपन्न करते हैं।

मणिशंकर तो मोदी जी को हटाने के लिये पाकिस्तान की मदद चाहते हैं lराहुल गॉधी को भी देश को बताना चाहिये कि जब चीन और भारत की सेनायें आमने सामने हैं तो चीन के राजदूत से आप की क्या वार्ता हुयी lवैसे यह निश्चित है कि वार्ता के केन्द्र बिन्दु मोदी जी ही रहें होगे क्यो कि मोदी के ही कारण राहुल गॉंधी शून्यता की ओर बढ रहे हैं और चीन भी डोकलम सीमा विवाद में पहली बार नीचा खानें की स्थिति में पहुँचा है कहावत भी है दुश्मन का दुश्मन भी दोस्त होता है l



और आज उसी कांग्रेस के नेतृत्व का चीनी राजदूत से मिलना और रहस्यमय प्रकार से उसे नकारना एक अति महत्वपूर्ण व् गम्भीर षड्यंत्र की ओर इशारा कर रहा है।