नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर ने कहा है कि वो भारत के साथ है।



Military ties between India and Nepal are so inextricably intertwined that over forty thousand Nepalese Gorkhas continue to serve in Indian Army at any time and Nepal is home to over 1.2 lakh ex-servicemen – and their dependents – who draw a pension from India. 

Significantly, in past, while reacting to the development on Nepal’s military engagement with Beijing, China’s Global Times had warned India recently that it was neither realistic nor possible for India to always regard Nepal as its backyard and put pressure on Sino-Nepalese cooperation.


नेपाल के PM शेर बहादुर का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा है कि वो जंग की स्थिति में भारत के साथ है। लेकिन चीन भारत से लड़ने का जोखिम नहीं लेगा क्योंकि वो जीत नहीं सकता।नेपाल के PM शेर बहादुर देउबा ने कहा है कि चीन का ये पागलपन अब नहीं सहा जाएगा। देउबा ने छोटा देश होने की बात को नकारते हुए कहा कि हमारे सैनिक कम नहीं है। हमारा एक गोरखा सैनिक चीन के 100 सैनिकों के बराबर है।
वहीं, नेपाल के उप राष्ट्रपति व राजनीतिक संस्कृति सलाहकार श्री महावीर प्रसाद टोरड़ी ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत के साथ नेपाल की रोटी-बेटी की सांझ है और इसको दुनिया की कोई भी शक्ति जुदा नहीं कर सकती। कश्मीर में आज हालात जरूर खराब है लेकिन नेपाल हर कीमत पर भारत के साथ है। उन्होंने बताया कि भारत व नेपाल एक-दूसरे से जुड़े हैं, अभिन्न मित्र हैं और यहां तक कि भारत की गोरखा बटालियन में नेपाल के युवक भर्ती होकर भारत की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने नेपाल के दुख-दर्द में सब से पहले साथ दिया है। ये होती है वफादारी और यहाँ कुछ ऐसे है जो जिस थाली में खाते है उसी में छेद करते है l
वंदेमातरम साभार Bharat Dubey