India-Bhutan border tussle with China: India puts its point across to China
चीन भड़का क्यों. ? क्योंकि अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में सड़कें बनाने का काम शुरू हुआ..रेल लाइन के विस्तार की योजना बनी। पूर्वोत्तर का हिस्सा भारत से छीन लेने के बहुत करीब था चीन...
अब उसे लग रहा है हाथ लगी बाज़ी पलट गयी..भू विस्तारवाद ही उसकी अब तक की नीती रही है।
अब पूर्वोत्तर के लोग हम उत्तर भारतीयों से ज्यादा भारतीय हैं और वे चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। भाजपा के इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ते चरण भी इसकी एक मिसाल/प्रमाण है।
किरण रिजूजू जी और आदरणीय वी के सिंह जी पूरी क्षमता से इस कार्य में लगे हुए हैं..इनसे भी बड़ी भूमिका असम के कैबिनेट मंत्री और भाजपा पूर्वोत्तर भारत के संयोजक शर्मा की है जो दिन रात इसी अभियान में लगे हैं। क्योंकि सरकार ने 1 लाख जवानों की सेना चीनी सीमा के लिए बनाने का निर्णय किया। सीमा पर पुरानी चौकियों की मरम्मत और नई चौकियों के निर्माण का काम शुरू किया गया। क्योंकि..सीमा पर ब्रह्मोस मिसाइल तैनात कर दी गयी। भारत ने अचानक तेजी से विदेशी हथियारों की खरीद शुरू कर दी। भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि लगातार दमदार होती जा रही है। भारत और अमेरिका के मध्य सामंजस्य बेहतरीन बन रहा है।
असल में ये सब काम हो रहे हैं फिर भी हम चीन से पीछे हैं..क्योंकि ये सभी काम बहुत देरी से हो रहे हैं। अब तक की सरकारों ने कभी देश की सुरक्षा के प्रति कोई योजना बनाई ही नहीं...न कोई इंफ्रास्टक्चर तैयार किया...बस चीन के रहमो करम पर टिके रहे। मोदी सरकार के आने के बाद से काम शुरू हुआ है, इसलिए चीन बेचैन है।
चीन कह रहा है कि वो जिस हिस्से में सड़क बना रहा है वो भूटान का क्षेत्र है, भारत को उसमें बोलने का क्या अधिकार है जबकि भूटान का विदेश मंत्रालय और सुरक्छा का काम भारत की देखरेख में ही होता है। चीन भूटान के साथ भी वही गेम खेल रहा है जो उसने तिब्बत के साथ खेला था ।
अब तक बहुधा सत्ता में आई सरकारें अपने खानदान के लोगों की राजनैतिक दुकानें चलवाने ओर अपना व अपनो का घर भरो की नीतियों पर चलकर एक से एक भीषण घोटाले-घपले रचने में ही जुटी पड़ी रही, आज भी कोंग्रेस अपने जन्मजात राजनैतिक बन्धुआओं, वोटबैंक के लिए गाय खा जाने वाले कर्मचारियों को अपने अयोग्य, अपरिपक्व, अल्पशिक्षित, जन्मजात पप्पू युवराज की किसी भी कीमत पर राजनीति चमकाने की जुगत में उपद्रव, अराजकता ओर मौकापरस्त राजनीति के हर दांव खेलने से नहीं हिचक रही।
सनद रहे, आज सूचनाक्रान्ति है, आज एक राष्ट्रवादी , समर्थ सरकार दिल्ली में बैठी है ।
आज
पब्लिक एक एक तथ्य साक्ष्य सहित जानती है।